आज की रिपोर्टर की संजीवनी बूटी कह लीजिये या फिर सबसे धाकड़ जुगाड़ का सामान.
बन्दे को ट्रांसफर केबल कहते हैं
उपनाम -फायर वायर.
लंबाई तकरीबन 30 इंच
रंग- काला,सफेद,लाल,हरा इत्यादि
उम्र- अनिश्चितकालीन
खासियत-सारे रिपोर्टरों की नौकरी बचाने की क्षमता
रिपोर्टर जब अपनी युनिट पैक करवा रहा होता है तो कैमरामैन से एक सवाल ज़रूर पूछता है"ट्रांसफर केबल रखी या नहीं".पूछे भी क्यों ना एक ही रात में एक चैनल के एक ही रिपोर्टर के पास गुड़गांव से लेकर ग्रेटर नोएडा तक की खबरें होतीं हैं,सब इन्हीं ट्रांसफर केबल बाबा की देन है.कुछ रिपोर्टरों ने तो इसे ही अपनी जीविका का साधन बना लिया है.और कुछ के लिये यही जीविका का साधन बन गई है.न्यूज़ चैनल्स की भीड़ में रिपोर्टर्स के बीच जो सामंजस्य बन गया है वो ट्रांसफर केबल बाबा का आशिर्वाद ही तो है.रिपोर्टर को CSR (कॉमन सोशल रिस्पॉन्सबिलिटी) सिखाने का काम भी टी.सी बाबा के आशिर्वाद की ही देन है.किसी भी रिपोर्टर की नौकरी कभी भी खतरे में पड़ जाए, बड़ी से बड़ी खबर छूट जाए या फिर छोटी से छोटी, टेन्शन नहीं लेने का ट्रांसफर केबल बाबा के पास जाने का..कभी कभी आस पास से गुज़र रहे लोगों की नज़र उन कैमरों पर अनायास ही पड़ जाती है जो कार की छत पर या फिर बोनट पर या फिर ज़मीन पर रखे होते हैं और उन सब में से निकले हुए ट्रांसफर केबल एक दूसरे में कुछ इस तरह जुड़े होते हैं कि समझ में ही नहीं आ रहा होता कि आखिर कौन किसे ट्रांसफर दे रहा है,और कौन किससे ट्रांसफर ले रहा है.दोस्तों यही तो ट्रांसफर केबल बाबा की माया है.तो सभी रिपोर्टर भक्तों ज़ोर से बोलो-ट्रांसफर केबल बाबा की जय हो
बस गदहा मत बनना...
8 years ago
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ReplyDeleteबिलकुल सही कहा मित्र ,,,,उम्मीद है की हर प्राणी विशेष पर ट्रान्सफर बाबा की अस्सीम अनुकम्पा बनी रहे ,,,,शरुआत में तो मैं इनकी महिमा से वंचित था पर यहाँ आके इनके चमत्कारों से काफी प्रभावित हो गया हूँ ... और हा इनके चमत्कार की सबसे अजीब बात ये है की इसका असर दिन ढलने के बाद बढता है ....तो एक बार पुरे मन से बोलो ट्रान्सफर बाबा की जय हो ....
ReplyDeleteआपका शुभचिंतक
प्रियंक त्रिपाठी